धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि समग्र शिक्षा में नौकरी लगवाने का झांसा देकर आरोपी ने करीब 9 लाख रुपये ले लिए। मामले में कुटरचित चेक और कथित फर्जी NEFT के जरिए रकम लौटाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है।
🔴 Highlight Points
- ▶️ शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख रुपये की कथित ठगी।
- ▶️ समग्र शिक्षा में नौकरी लगवाने का दिया गया था आश्वासन।
- ▶️ शिकायतकर्ता समेत तीन लोगों से ली गई रकम का आरोप।
- ▶️ कुटरचित चेक और कथित फर्जी NEFT का भी आरोप।
- ▶️ रकम वापस मांगने पर गाली-गलौज करने का आरोप।
- ▶️ पुलिस से आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग।
- ▶️ मामले की जांच जारी, जांच के बाद होगा खुलासा।
पढ़िए पूरा मामला
यह मामला मगरलोड थाना क्षेत्र का है। करेलीबड़ी निवासी हरिशचंद साहू ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि जुलाई 2025 में व्यवसायिक शिक्षक परीक्षा परिणाम को लेकर हुई हड़ताल के दौरान उसकी मुलाकात योगेन्द्र कुमार देवांगन से हुई थी।
शिकायत के अनुसार, योगेन्द्र ने समग्र शिक्षा में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसके लिए प्रति व्यक्ति ढाई लाख रुपये की मांग की। इसके बाद हरिशचंद ने अपने दोस्तों देवेश कुमार साहू और पुलस्त कुमार खुरसुनी की नौकरी लगवाने के लिए भी उससे संपर्क कराया। अगस्त 2025 से अलग-अलग समय पर ऑनलाइन माध्यम से रकम भेजी गई।
चयन के बाद मांगी गई बाकी रकम
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जनवरी 2026 में उसका ऑनलाइन परीक्षा और इंटरव्यू हुआ, जिसके बाद उसका चयन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरतोरा के लिए होने की जानकारी दी गई। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने अन्य दोस्तों की नौकरी लगवाने और शेष राशि देने की बात कही।
9 लाख रुपये का लेन-देन होने का दावा
आवेदन के अनुसार, शिकायतकर्ता और उसके दो दोस्तों की ओर से अलग-अलग UPI स्कैनर और बैंक खातों के माध्यम से 6 लाख 39 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे गए। वहीं 2 लाख 50 हजार रुपये नगद करेलीबड़ी स्थित घर पर दिए गए। इस तरह कुल करीब 9 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का दावा किया गया है।
फर्जी चेक और NEFT का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि जब एक दोस्त की नौकरी नहीं लगी तो रकम वापस मांगी गई। मार्च 2026 में आरोपी ने ढाई लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन बैंक में हस्ताक्षर का मिलान नहीं होने के कारण चेक निरस्त हो गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 50 हजार रुपये की फर्जी NEFT दिखाकर रकम लौटाने का दावा किया गया। साथ ही शेष राशि लौटाने के लिए 30 अप्रैल 2026 तक का समय मांगा गया।
गाली-गलौज करने का भी आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, 1 मई को आरोपी ने फोन कर घर आकर पैसे लेने की बात कही। वह अपने भाई के साथ ग्राम सिरी पहुंचा, लेकिन वहां रकम लौटाने के बजाय गाली-गलौज की गई, जिसके बाद दोनों वापस लौट आए।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
हरिशचंद साहू ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि रकम वापस न करनी पड़े, इसलिए उसके और उसके दोस्तों के खिलाफ चोरी, धमकी और अवैध वसूली जैसे मामलों में शिकायतें भी की गईं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी, कुटरचित चेक और कथित फर्जी NEFT/RTGS दस्तावेज के मामले में योगेन्द्र कुमार देवांगन के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की है।
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
