15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा 7 सप्ताह का अभियान, रायगढ़ में एएसपी अनिल सोनी ने जारी किया QR कोड

🔴 Highlight Points
- 🛡️ छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुरू किया ‘साइबर जागृति अभियान’
- 📅 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
- 📱 मुख्य थीम — ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’
- 📲 QR कोड स्कैन कर सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर शेयर करने की अपील
- 👮 रायगढ़ में एएसपी अनिल सोनी ने अभियान का शुभारंभ किया
- 💳 UPI फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग और जॉब फ्रॉड पर होगी जागरूकता
- 🏫 स्कूल-कॉलेजों से लेकर बैंक और सामुदायिक संस्थानों तक होंगे कार्यक्रम
- 🤝 जनभागीदारी से साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का लक्ष्य
रायगढ़, 14 अगस्त 2026। साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक और सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा ‘साइबर जागृति अभियान’ शुरू किया जा रहा है। यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक 7 सप्ताह चलेगा। अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ होगी अभियान की खास थीम
अभियान की मुख्य थीम ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ रखी गई है। इसके तहत लोग छत्तीसगढ़ पुलिस या संबंधित जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स पर जारी लिंक अथवा QR कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी तस्वीर ले सकेंगे। इसके बाद इस सेल्फी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर साइबर सुरक्षा का संदेश अपने दोस्तों और फॉलोअर्स तक पहुंचाएंगे।

रायगढ़ में एएसपी अनिल सोनी ने किया शुभारंभ
रायगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी ने अभियान की लिंक और QR कोड जारी कर इसकी शुरुआत की। उन्होंने स्वयं QR कोड स्कैन कर सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
एएसपी सोनी ने जिले के नागरिकों, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, संस्थानों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, प्रोफेशनल्स और कलाकारों से अभियान में अधिक से अधिक भागीदारी करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों लोग एकजुट हुए थे, उसी तरह साइबर अपराध के खिलाफ भी सभी को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी।
7 सप्ताह में अलग-अलग विषयों पर होंगे कार्यक्रम
अभियान के तहत प्रदेशभर में सात सप्ताह तक अलग-अलग विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- पहला सप्ताह: स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता और बेसिक साइबर सुरक्षा
- दूसरा सप्ताह: बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों में वित्तीय धोखाधड़ी और UPI सुरक्षा
- तीसरा सप्ताह: वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल को लेकर टाउन हॉल
- चौथा सप्ताह: महिला कॉलेजों और सामुदायिक समूहों में स्मार्टफोन प्राइवेसी एवं सुरक्षित ब्राउजिंग
- पांचवां सप्ताह: युवाओं के लिए जॉब फ्रॉड और फिशिंग के प्रति जागरूकता
- छठवां सप्ताह: डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर जागरूकता
- सातवां सप्ताह: साइबर सुरक्षा को लेकर व्यापक जनजागरूकता एवं जनभागीदारी
