गढ़उमरिया, डूमरमुड़ा और छातामुरा संकुल के 22 शिक्षक हुए शामिल, कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण पर भी जोर

🔴 5 बड़ी Highlights
🔴 1. पुसौर विकासखंड के प्राथमिक शाला बोदाटिकरा में गढ़उमरिया, डूमरमुड़ा और छातामुरा संकुल के 22 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
🔴 2. प्रशिक्षण में बच्चों की गणितीय समझ, मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान मजबूत करने पर जोर दिया गया।
🔴 3. कक्षा तीसरी से पांचवीं के बच्चों को 20 तक पहाड़े और गणित की बुनियादी अवधारणाएं मजबूत कराने का लक्ष्य दिया गया।
🔴 4. सीखने में कमजोर बच्चों के लिए विशेष रूप से उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
🔴 5. बैगलेस दिवस पर नवोदय, एकलव्य, प्रयास और छात्रवृत्ति परीक्षाओं की तैयारी कराने पर भी जोर दिया गया।
रायगढ़, 22 अगस्त 2026। बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत करने और प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से पुसौर विकासखंड के प्राथमिक शाला बोदाटिकरा में शनिवारिय बैठक-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। 22 अगस्त को संयुक्त संकुल गढ़उमरिया, डूमरमुड़ा और छातामुरा के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा तीसरी, चौथी और पांचवीं में गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में तीनों संकुलों के 22 शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान बच्चों को गणित की कठिन अवधारणाएं सरल तरीके से समझाने, गतिविधि आधारित शिक्षा और कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
गणितीय क्षमता और संख्या ज्ञान विकसित करने पर जोर
विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल ने बताया कि प्रशिक्षण में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2005 के उद्देश्यों, बच्चों में गणितीय क्षमता विकसित करने तथा मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को कक्षा-कक्ष की गतिविधियों के माध्यम से हासिल करने पर चर्चा की गई।
शिक्षकों को गणितीय मॉडल और विभिन्न शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य बच्चों की कक्षा में सहभागिता बढ़ाना और कठिन गणितीय अवधारणाओं को सरल एवं रोचक तरीके से समझाना है।
कक्षा अनुरूप सीखने के प्रतिफल पर विशेष ध्यान

विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल ने शिक्षकों को शाला समय में नियमित और समय पर उपस्थित रहने तथा VSK एप पर उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही पाठ्यक्रम विभाजन के अनुसार समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने को कहा गया।
प्रधान पाठकों को नियमित रूप से कक्षाओं की निगरानी करने और बच्चों में कक्षा अनुरूप सीखने के प्रतिफल विकसित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का सीखने का स्तर अपेक्षित नहीं है, उनके लिए विशेष रूप से उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि कोई भी बच्चा सीखने की प्रक्रिया में पीछे न रह जाए।
20 तक पहाड़े और गणित की बुनियादी समझ का लक्ष्य
प्रशिक्षण में कक्षा तीसरी से पांचवीं तक के बच्चों के लिए बुनियादी गणितीय दक्षताओं पर विशेष लक्ष्य तय किए गए। बच्चों को 20 तक पहाड़े याद कराने, हिंदी पाठ्यपुस्तक का आदर्श पठन कराने तथा तीन अंकों की संख्याओं से जुड़े गुणनखंड और भाग की समझ विकसित करने पर जोर दिया गया।
वहीं कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों के लिए बारहखड़ी का नियमित अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए। शिक्षकों को निर्धारित शैक्षणिक लक्ष्यों को 31 अगस्त तक पूरा करने के लिए कहा गया है।
दैनंदिनी के अनुसार हो नियमित अध्यापन
बैठक में शिक्षकों को प्रतिदिन दैनंदिनी लेखन करने और उसके अनुसार कक्षा-कक्ष में अध्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने शासकीय विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता में निरंतर सुधार कर उन्हें विद्यार्थियों और अभिभावकों की पसंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार कर अधिक से अधिक बच्चों को शासकीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
बैगलेस दिवस में होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
बैठक में प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाले बैगलेस दिवस को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने पर जोर दिया गया।
शिक्षकों को नवोदय, एकलव्य, प्रयास, राष्ट्रीय साधन-सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति और उत्कर्ष परीक्षा जैसी परीक्षाओं की तैयारी नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण में तीनों संकुलों के 22 शिक्षक, संकुल समन्वयक गुरुदेव गुप्ता, मुरलीधर गुप्ता, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के घनश्याम प्रधान सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को गतिविधि आधारित और प्रभावी अध्यापन के लिए तैयार करने के साथ प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया गया।
