फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर, ड्रॉपआउट रोकने और स्मार्ट क्लास के प्रभावी उपयोग के निर्देश

रायगढ़, 2 सितंबर 2026। जिले में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम को बेहतर बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से अमल करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि बोर्ड परीक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों को विषयवार तैयारी, आवश्यक शैक्षणिक सहयोग और बेहतर अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए विद्यालय स्तर पर कमजोरियों को चिन्हांकित कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
चार प्रमुख विषयों में शिक्षकों की उपलब्धता पर जोर

कलेक्टर ने विशेष रूप से फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स विषयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां आवश्यकता के अनुसार विशेष शिक्षण एवं कोचिंग की व्यवस्था करने को कहा गया।
उन्होंने पिछले वर्ष बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों के अनुभव अन्य विद्यालयों के साथ साझा कराने के लिए संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
इसके साथ ही कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को मॉडल उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराकर अभी से नियमित रूप से उत्तर लिखने का अभ्यास कराने पर जोर दिया गया।
खनन प्रभावित और आदिवासी क्षेत्रों में अतिथि शिक्षक
कलेक्टर ने खनन प्रभावित एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शिक्षित युवाओं को निर्धारित मानदेय पर विषयवार अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण किसी भी क्षेत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने विद्यालयों में शिक्षकों, विद्यार्थियों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्कूलों में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का स्थल निरीक्षण कर गुणवत्ता की निगरानी करने को भी कहा।
ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने की योजना
बैठक में कलेक्टर ने स्कूल से बाहर हो चुके बच्चों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या न्यूनतम करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने और ऐसे बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए।
बालिकाओं के लिए विद्यालयों में शौचालय सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। वहीं, बारिश के दौरान आवागमन प्रभावित होने वाले गांवों को चिन्हांकित कर वहां आवश्यक अधोसंरचना विकास की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
स्मार्ट क्लास का नियमित और प्रभावी उपयोग
कलेक्टर ने विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास का नियमित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने तकनीक आधारित शिक्षण के माध्यम से कठिन विषयों को विद्यार्थियों के लिए आसान और रोचक तरीके से समझाने पर जोर दिया।
बैठक में खराब परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों और विषयों की समीक्षा के साथ संस्था प्रमुखों की जवाबदेही तय करने पर भी चर्चा हुई।
भवन, बिजली और मध्यान्ह भोजन समेत अन्य मुद्दों की समीक्षा
समीक्षा बैठक में भवनविहीन एवं जर्जर विद्यालयों, विद्युतविहीन स्कूलों, मध्यान्ह भोजन, समग्र शिक्षा, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुविधाओं तथा राष्ट्रीय साधन-सह-प्रावीण्य परीक्षा में जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू, जिला मिशन समन्वयक श्री आलोक स्वर्णकार सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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