DNA रिपोर्ट ने खोला पूरा राज, आरोपी पति गिरफ्तार; तीन दिन तक गांव के बाहर डेरा डालकर पुलिस ने दबोचा

रायगढ़, 26 अगस्त 2026। रायगढ़ जिले की कापू पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को वैज्ञानिक जांच और डीएनए रिपोर्ट की मदद से सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पति ने पत्नी की हत्या करने के बाद शव को घर के आंगन में जला दिया और हड्डियों के अवशेष जमीन में दबा दिए। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद थाने पहुंचकर पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
डीएनए जांच में बरामद हड्डियों के अवशेषों की पहचान गुम महिला चमेली सिदार (26 वर्ष) के रूप में होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उसके पति देवानंद सिदार (39 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार ने 28 अप्रैल 2026 को थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी चमेली सिदार 16 अप्रैल की रात घर से बिना बताए कहीं चली गई है।
पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन जांच के दौरान पति के बयान और व्यवहार में विरोधाभास सामने आया। महिला के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस का शक पति पर गहराता गया।
चार साल पहले हुआ था प्रेम विवाह
मृतका के पिता के अनुसार, चमेली सिदार ने करीब चार वर्ष पहले प्रेम संबंध के बाद देवानंद सिदार के साथ विवाह किया था। दोनों की कोई संतान नहीं थी।
घटना के बाद आरोपी चमेली के मायके भी पहुंचा था और उसके वहां आने की जानकारी ली थी। बाद में परिजनों को सूचना मिली कि चमेली की हत्या कर शव को जला दिया गया है, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
मामूली विवाद के बाद हत्या का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि 16 अप्रैल की रात पति-पत्नी के बीच भाजी की सब्जी बनाने की बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर देवानंद ने पत्नी का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव को घर के आंगन में जला दिया। इसके बाद जली हुई हड्डियों के अवशेषों को जमीन में गड्ढा खोदकर दबा दिया और ऊपर पत्थर रख दिए।
DNA रिपोर्ट बनी सबसे बड़ा सबूत
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया के तहत घटनास्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद किए। एफएसएल की मौजूदगी में कार्रवाई कर नमूनों को जांच के लिए भेजा गया।
डीएनए रिपोर्ट आने के बाद यह पुष्टि हुई कि बरामद हड्डियां चमेली सिदार की ही थीं। इसके बाद हत्या और साक्ष्य छिपाने का अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की गई।
तीन दिन तक गांव के बाहर डेरा, फिर आरोपी गिरफ्तार
अपराध दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया। कापू थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में लगातार कार्रवाई की और तीन दिनों तक गांव के बाहर कैंप कर मुखबिरों को सक्रिय रखा।
आखिरकार पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले के खुलासे को प्रोफेशनल पुलिसिंग और वैज्ञानिक साक्ष्यों का उदाहरण बताते हुए जांच टीम की सराहना की है।
